समर्थक व अनुयायी

"जो लोग मेरे समर्थक व अनुयायी हैं वे हमेशा मेरी प्रसंशा करेंगे, किन्तु मुझे उन लोगों की भी आवश्यकता है जो मुझे यह बोध कराएं कि मुझसे कहां चूक हो रही है ।"

आचार्य उदय

3 comments:

प्रवीण पाण्डेय said...

सच है, नही तो विकास अवरुद्ध हो जायेगा ।

arvind said...

aachaaryaji main aapkaa prashansak our anuyaayi hun...par main aapko bataataa rahungaa ki chuk kahan hue hai.....bahut badhiya.

रवि कान्त शर्मा said...

जिस इंसान से गलती नही होती है वह तो भगवान बन जाता है। इंसान वही है जो स्वयं की गलतीयों से सीख ले लेता है।