द्वैषपूर्ण भाव

"इंसान कितना भी मधुर व्यवहार के प्रदर्शन का प्रयास कर ले किन्तु उसके अन्दर छिपे द्वैषपूर्ण भाव परिलक्षित हो ही जाते हैं।"
आचार्य उदय