श्रेष्ठ प्रदर्शन

" खिलाडियों को अपना ध्येय हार-जीत का रखकर सदैव ही श्रेष्ठ प्रदर्शन का रखना चाहिये । "

आचार्य उदय

3 comments:

Udan Tashtari said...

सत्य वचन, प्रभु!

प्रवीण पाण्डेय said...

हम सब भी यही लागू होता है।

boletobindas said...

कितना सच है......पर क्या करें आजकल जीत के लिए ही खेला जाना सत्य माना जाता है