यौनक्रीडा

"यौनक्रीडा में कहीं गौरव का भाव समाहित है तो कहीं गौरवान्वित होने का, किन्तु गर्व का कोई स्थान नहीं है।"
आचार्य उदय

1 comment:

Apanatva said...

bilkul sahee.......