चापलूसी व जी-हुजूरी

"चापलूसी व जी-हुजूरी के माध्यम से भी शिखर पर पहुँचना संभव है इसके लिए इंसान का ईमानदार व मेहनतकश होना आवश्यक नहीं है।"
आचार्य उदय