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गोली-इंजेक्सन

"भ्रष्टाचार जब नासूर का रूप ले ले तथा सडांध आने लगे, तब यह समझ लेना चाहिये कि इन हालात में गोली-इंजेक्सन से इलाज संभव नहीं है।"
आचार्य उदय

मंत्री-अफसर

"जिस देश के सत्तासीन मंत्री-अफसर भ्रष्टाचार करना अपनी शान समझने लगे हों उस देश की जनता को चाहिये भ्रष्टाचारियों की पूजा-अर्चना करने लगें या फिर भ्रष्टाचारियों को जड़ से उखाड़ फेकें"
आचार्य उदय

भ्रष्टाचार

"यदि व्यवस्थापक भ्रष्टाचार के बगैर जीवन-यापन नहीं करना चाहते तो फिर रोकथाम के लिए दिखावा करना व्यवस्था के साथ छल करना है।"
आचार्य उदय

नगण्य

"यह सच है कि भ्रष्टाचार ने एक गंभीर समस्या का रूप ले लिया है किन्तु उससे भी गंभीर समस्या यह है कि इसकी रोकथाम की दिशा में प्रयास नगण्य हैं"
आचार्य उदय

बीमारी

"भ्रष्टाचार एक मांसिक बीमारी है जिसका इलाज कठोर दंडात्मक प्रक्रिया से ही संभव है।"
आचार्य उदय

दीमक

"भ्रष्टाचार एक विकराल समस्या है जो शनै शनै देश को दीमक की भांति खोखला कर रही है।"
आचार्य उदय


दावा

"ये माना कि यह दावा सच्चा हो कि हमारे देश में कोई भ्रष्टाचारी नहीं है! कोई बताये फिर भ्रष्टाचार कौन कैसे कर रहा है जिससे देश की व्यवस्था दिन-व्-दिन खोखली हो रही है!!"
आचार्य उदय

ज़रा सोचिये !

"ज़रा सोचिये, क्या हम भ्रष्टाचारियों द्वारा निर्मित संचालित भ्रष्ट सिस्टम के अंग बन कर रह गए हैं !"
आचार्य उदय

महामारी

"भ्रष्टाचार एक महामारी है पर उनके लिए नहीं जो उसे देख रहे हैं वरन उनके लिए है जो उससे पीड़ित हैं।"
आचार्य उदय

बेईमानी

"भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था की कल्पना करना तब तक बेईमानी है जब तक हम स्वयं भ्रष्टाचार से मुक्त नहीं हो जाते।"
आचार्य उदय

भ्रष्टाचार

"मैं जैसे जैसे भ्रष्टाचार की सीमाएं तोड़ रहा था ठीक वैसे वैसे ही मेरे परिजन शिष्टाचार की मर्यादाएं तोड़ रहे थे, अंत में मैंने पाया कि दौलतें व बच्चे दोनों ही मेरे हाथ से निकल गए।"
आचार्य उदय

पारदर्शिता व तत्परता

"कार्यशैली में पारदर्शिता तत्परता का समावेश करने से भ्रष्टाचार की संभावना लगभग समाप्त हो जायेगी। "

आचार्य उदय

संपत्ति

"भ्रष्टाचार पाप कर्मों से अर्जित संपत्ति निसंदेह इंसान को धनाढय बनाती है किन्तु यही संपत्ति परिजनों को संस्कार विहीन भी बना देती है।"

आचार्य उदय

भ्रष्टाचार

“भ्रष्टाचार में लिप्त व्यक्ति हर क्षण भ्रष्टाचार के नये-नये उपाय ढूँढते रहता है उसके पास परिवार व समाज हित के लिये वक्त ही नही होता।”

आचार्य उदय

भ्रष्टाचार रूपी दीमक

“भ्रष्टाचार पर नियंत्रण अत्यंत आवश्यक हो गया है यदि अब भी भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने का प्रयास नहीं किया गया तो भ्रष्टाचार दीमक की भाँति सम्पूर्ण व्यवस्था को खोखला कर देगा और सभी इसकी चपेट में आकर असहाय हो जायेंगे।”

आचार्य उदय

भ्रष्टाचार

“भ्रष्टाचार से अर्जित सम्पत्ति परिजनों को पथभ्रष्ट कर देती है तथा परिवार विखण्डित होने लगता है, यह स्थिति भ्रष्टाचारी स्वयं आँखों से देखता है।”

आचार्य उदय

संस्कार

"मुझे विरासत में क्या मिला, शायद कुछ नहीं, पर मैं अपने बच्चों को विरासत में कुछ देना चाहता हूँ, पर क्या ? ... भ्रष्टाचार व बेईमानी से अर्जित संपत्ति या अच्छे संस्कार !"

आचार्य उदय