भक्ति

"निस्वार्थ भाव से की गई भक्ति सदैव ही फलदायी होती है।"

आचार्य उदय

खुशियाँ

"खुशियाँ वो नहीं जो दिखाई देती हैं खुशियाँ वो होती हैं जिन्हें हम महसूस करते हैं।"

आचार्य उदय

गुरु

"गुरु सिर्फ वह नहीं जो हमें प्रत्यक्ष रूप में शिक्षा देता है गुरु वह भी है जिससे हम अप्रत्यक्ष रूप में कुछ सीख लेते हैं।"

आचार्य उदय

खेल भावना

"हार-जीत खेल के सर्वाधिक सुखद दुखद पहलु होते हैं किन्तु खेल भावना सर्वोपरी है।"

आचार्य उदय

हीन भावना

"हीन भावना से ग्रसित व्यक्ति सदैव ही सदभावना के स्थान पर दुर्भावना पूर्ण कृत्य को महत्त्व देता है।"

आचार्य उदय

मित्रता

"सदभावना पूर्ण आचार-विचार मित्रता के नैसर्गिक गुण हैं।"

आचार्य उदय

प्रेम

"निस्वार्थ भाव समर्पण ही सच्चा प्रेम है।"

आचार्य उदय