लोभ व लालच

"धन-दौलत का लोभ एक मानवीय व्यवहार है तथा इंसान इस लोभ के लालच में सम्पूर्ण नैसर्गिक व मानवीय मर्यादाओं का त्याग कर न सिर्फ स्वयं वरन परिजनों को भी पाप का भागीदार बना लेता है।"
आचार्य उदय

3 comments:

Patali-The-Village said...

लोभ बहुत बुरी चीज है|

arvind said...

param satya.

Apanatva said...

saty vachan....