राजनेता

"वर्तमान समय में राजनेता राजनीति नहीं व्यवसाय कर रहे हैं, यह सर्वविदित सत्य है कि प्रत्येक व्यवसायी अपने व्यक्तिगत हितों का पक्षधर होता है।"
आचार्य उदय

खुशियाँ, खुशहाली व खुशखबरी !

"खुशियाँ, खुशहाली व खुशखबरी जीवन को खुशनुमा बनाए रखने के लिए अत्यंत आवश्यक हैं इनका नियमित आदान-प्रदान हमारे जीवन का महत्वपूर्ण उद्देश्य होना चाहिये।"
आचार्य उदय

लालच

"उफ ! धन के लालच में मुझसे ये क्या हो गया, मैं अपने ही घर के दो टुकडे करने जा रहा था।"
आचार्य उदय

प्रेम व मिलन

"स्त्री व पुरुष दो ईश्वरीय शक्तियां हैं जो एक-दूसरे की पूरक हैं, दोनों के परस्पर प्रेम व मिलन से ही नवीन सृजन संभव है।"
आचार्य उदय

स्रष्टिचक्र

"स्रष्टिचक्र : आत्मा, मन, तन, पृथ्वी, ब्रम्हांड, परमात्मा !"
आचार्य उदय

कडुवा झूठ

"कडुवा झूठ : किसी का नहीं दिया, पर तेरा देकर जाऊंगा।"
आचार्य उदय

सच्चाई

"शायद ! हम ईश्वर प्राप्ति का ढोंग कर रहे हैं क्योंकि सच्चाई तो यह है कि हम माया-मोह के प्रपंचों से बाहर निकलना ही नहीं चाहते।"
आचार्य उदय