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"अज्ञानतावश हुई भूल का सुधार अविलंब करें।"आचार्य उदय
“जिस दिन आप एक अनुचित व अनावश्यक कार्य पर नियंत्रण करोगे उसी दिन आपको एक श्रेष्ठ व सारगर्भित मार्ग दिखाई देगा।”आचार्य उदय
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कठिन परिस्थितियों में मुश्किलें चारों ओर से आते हुए दिखाई पड़ती हैं किन्तु संयम इन परिस्थितियों में सफलता का मार्ग प्रशस्त करता है।"
आचार्य उदय
“ परिवर्तन के लिये सिर्फ हमारी अच्छी सोच पर्याप्त नहीं है, परिवर्तन तो व्यवहारिक कार्यों से ही संभव है।”आचार्य उदय
“हमारी अच्छी सोच की सार्थकता तब है जब हम उसे कार्यरूप में परिणित करें।”आचार्य उदय
“भ्रष्टाचार में लिप्त व्यक्ति हर क्षण भ्रष्टाचार के नये-नये उपाय ढूँढते रहता है उसके पास परिवार व समाज हित के लिये वक्त ही नही होता।”आचार्य उदय
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प्रत्येक मानव में '
ईश्वर'
का वास है इसलिए एक-
दूसरे के प्रति प्रेम व सदव्यवहार की भावना रखना व प्रदर्शित करना ही '
ईश्वर'
के प्रति सच्ची आस्था है|"
आचार्य उदय